indianRailwaypsycho test

Railway-psychological-test-for-alp-psycho-test-2019-in-hindi

Loco pilot psychological test(मनोवैज्ञानिक परीक्षा )

आरआरबी बोर्ड द्वारा सीबीटी 1 & सीबीडी 2 की लिखित परीक्षा को पास करने वाले कैंडिडेट को मेरिट के आधार पर चयन करती है जिसकी लिखित परीक्षा हो जाने के बाद अगर आवेदक दूसरे चरण की परीक्षा में पास होते हैं तो उनको लोको पायलट की अगली परीक्षा जिससे मनोवैज्ञानिक परीक्षा या साइको टेस्ट के नाम से भी जाना जाता है को देना होता है जिसमें आपको दिमागी रूप से सवाल को हल करना होता है ।

मनोवैज्ञानिक परीक्षा या साइको टेस्ट क्यों किया जाता है

रेलवे में लोको पायलट एक बहुत ही संवेदनशील और जिम्मेदार पद होता है जिस पर कोई भी नहीं जा सकता इसे वही लोग सही ढंग से संचालन कर सकते हैं जोकि दिमागी रूप से चुस्त-दुरुस्त हो क्योंकि यह एक ऐसा पोस्ट है जिस पर काम करते समय व्यक्ति को तुरंत और सटीक निर्णय लेना होता है इस परीक्षा में अभ्यर्थियों से उसकी किसी प्रश्न का उत्तर वह कितनी जल्दी और कितना सटीकता के साथ दे सकता है इसका परीक्षण किया जाता है, मतलब आपसे उसी प्रकार के सवाल पूछे जाते है जो सिर्फ आप अपने दिमाग से तुरंत हल कर सकते है। क्योंकि इसमें जल्दी और सटीकता के साथ तुरंत निर्णय लेना होता है कि क्या करना है और क्या नहीं करना हैअगर आप यह जल्दी-जल्दी कर लेते हैं और बोर्ड द्वारा दिए गए मानक के अनुसार क्वेश्चन तक पहुंचते हैं तो आपको साइको टेस्ट में पास कर दिया जाएगा और सेकंड दूसरे चरण के एग्जाम और साइको टेस्ट को लेकर 70 और 30 के रेशियो में दोनों एग्जाम ओं को मिलाकर एक मेरिट बनेगी जिसमें total post के अनुसार 10 गुना ज्यादा तक आवेदकों को पास कर दिया जाएगा

लोको पायलट की Medical Test कैसी होती है

अगर आप दूसरी परीक्षा को पास कर लेते हैं और साइको टेस्ट में भी पास हो जाते हैं तो आपकी एक फाइनल मेरिट बनती है और उस फाइनल मेरिट में आपका नाम आता है तो आप लोको पायलट की मेडिकल टेस्ट के लिए क्वालीफाई होते हैं और मेडिकल टेस्ट के लिए बुलाए जाते हैं जिसमें आंखों की जांच, पूरे शरीर की जांच और कुछ नॉर्मल जांच होते हैं मेडिकल टेस्ट में मुख्य रूप से आंखों की जांच ज्यादा इंपॉर्टेंट होती है आपकी आँखों की रोशनी बहुत ही अच्छी होना चाहिए। आपकी आँखों से दूर तक देखने की भी क्षमता अच्छी होनी चाहिए। क्योंकि एक लोको पायलट ही ऐसा पोस्ट ऐसा पोस्ट पोस्ट है जो लाखों की जिंदगी ले भी सकता है और बचा भी सकता है इसीलिए अगर आंखों में कोई प्रॉब्लम हो तो लोको पायलट का फार्म अप्लाई न करेंआपको की आंखों की जांच में और आंखों से रिलेटेड क्या-क्या होता है आंखों की जांच में 6/6, colour blindness, दृष्टि दोष। इसके साथ साथ साथ बीपी की जांच, यूरिन की जांच, चेस्ट की जांच, पूरी बॉडी का स्कैनर से जांच की जाती हैमेडिकल में सब कुछ सही होने पर आपको के एल पी के रूप में में में पी के रूप में में के रूप में में रेलवे बोर्ड द्वारा मैनुअली रूप से सेलेक्ट कर लिया जाता है और ट्रेनिंग के लिए ट्रेनिंग सेंटर भेजा जाता हैजहां पर कम से कम 3 महीने या 7 महीने की ट्रेनिंग के बाद आप गाड़ी पर वर्किंग के लिए पूर्ण रूप से तैयार हो जाते हैं

Railway Driver Ki Taiyari Kaise Kar

अगर आप लोको पायलट की तैयारी कर रहे हैं या फिर करने की सोच या करना चाहते हैं तो हम आपको कुछ अपने तरीके से अपनाए हुए टिप्स बताते हैं जिनको फॉलो करके आप भी लोको पायलट की job को पा सकते होइसके लिए आपको सामान्य अध्ययन में विज्ञान विषय पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होगी इसके साथ साथ साथ सामान्य ज्ञान, रिजनिंग, मैथ के साथ रोजाना के अखबार पेपर से करंट की कुछ महत्वपूर्ण जानकारी को रोज-रोज इकट्ठा करनी होगी जिससे आपकी करंट की जानकारी अच्छी हो जाएगीइसके साथ साथ साथ अगर प्रीवियस ईयर में लोको पायलट के एग्जाम हुए हो तो उसके पेपर को इकट्ठा करके उसका मॉडल रूप को देखना होगा और उसी के अनुसार प्रत्येक week में दो एक्सरसाइज प्रैक्टिस के रूप में करनी होगी

Loco Pilot Salary In India

इंडियन रेलवे में एक लोको पायलट पहले सहायक लोको पायलट के पद पर नियुक्त होता है जिसकी सैलरी ग्रेड पर 1900 और पे स्केल 5200 से 20000 के रूप में होती है और यही आगे चलकर सहायक लोको पायलट से लोको पायलट के पद पर प्रमोट होता है और उसकी सैलरी भी बढ़ती जाती है विस्तार से पढ़ें..

Comment here

error: Content is protected !!